त्योहारी सीजन ने अक्टूबर 2026 में ऑटो कंपनियों की झोली भर दी। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी ने अक्टूबर में कुल 2,76,120 गाड़ियां बेचीं, जो कंपनी के इतिहास की अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री है। हुंडई, महिंद्रा और टाटा मोटर्स ने भी अक्टूबर में रिकॉर्ड या दमदार आंकड़े दर्ज किए। कंपनियों ने 1 नवंबर को अपनी बिक्री के आंकड़े जारी किए।
किस कंपनी ने कितनी गाड़ियां बेचीं
- मारुति सुजुकी: कुल बिक्री 2,76,120 यूनिट (निर्यात समेत), पिछले साल से करीब 25% ज्यादा। घरेलू होलसेल 2,16,789 यूनिट, जो पिछले साल अक्टूबर के 1,80,675 से 20% ज्यादा है। कंपनी के पिछले सबसे अच्छे महीने मई 2026 (2.43 लाख) और जुलाई 2026 (2.41 लाख) थे।
- हुंडई मोटर इंडिया: अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री 82,299 यूनिट, 17.7% की बढ़त। इसमें घरेलू बिक्री 62,799 (16.7% ऊपर) और निर्यात 19,500 यूनिट (21.1% ऊपर) रहा।
- महिंद्रा एंड महिंद्रा: घरेलू SUV बिक्री 73,338 यूनिट और कुल वाहन बिक्री 1,31,109 यूनिट, दोनों कंपनी के इतिहास में किसी एक महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा। घरेलू SUV में बढ़त 2% रही।
- टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स: घरेलू होलसेल 73,894 यूनिट, पिछले साल के 61,134 से 21% ज्यादा।
- JSW MG मोटर इंडिया: 8,013 यूनिट, 19% की बढ़त।
- होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया: 6,64,831 यूनिट, पिछले साल अक्टूबर में 5,98,952।
टू-व्हीलर में भी रौनक रही। TVS मोटर कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी ने अक्टूबर में कुल 7,00,134 यूनिट बेचीं, जो पिछले साल से 29% ज्यादा है; इनमें 6,70,679 टू-व्हीलर शामिल हैं। गांवों और छोटे शहरों में बाइक-स्कूटर की मांग को अर्थव्यवस्था की सेहत का अच्छा पैमाना माना जाता है।
(होलसेल का मतलब है कंपनी से डीलरों को भेजी गई गाड़ियां। ग्राहकों को असल बिक्री के आंकड़े वाहन पंजीकरण से अलग आते हैं।)
कंपनियों ने क्या कहा
महिंद्रा के ऑटोमोटिव बिजनेस के प्रेसिडेंट वेलुसामी आर. ने कहा कि अक्टूबर कंपनी के लिए “ऐतिहासिक महीना” रहा और त्योहारी सीजन व नए पोर्टफोलियो से SUV, पिक-अप और थ्री-व्हीलर, सबमें मांग मजबूत रही। उन्होंने कंपनी की पहली CNG गाड़ी XUV 3XO ZNG को भी अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की बात कही। हुंडई के MD और CEO तरुण गर्ग ने कहा कि त्योहारी मांग और घरेलू व निर्यात, दोनों बाजारों की रफ्तार से कंपनी ने नया रिकॉर्ड बनाया।
बिक्री इतनी क्यों बढ़ी?
अक्टूबर में नवरात्रि, दशहरा और धनतेरस-दिवाली से पहले का खरीदारी सीजन होता है। इस दौरान लोग नई गाड़ी लेना शुभ मानते हैं और कंपनियां भी डीलरों के पास पहले से स्टॉक भेज देती हैं। SUV और CNG गाड़ियों की बढ़ती मांग ने भी आंकड़ों को सहारा दिया। इसी महीने GST कलेक्शन में घरेलू कारोबार से 15.8% की बढ़त भी बाजार में मजबूत मांग का संकेत देती है।
आप पर क्या असर पड़ेगा?
- वेटिंग पीरियड: रिकॉर्ड मांग का मतलब है कि कुछ लोकप्रिय मॉडलों, खासकर SUV, पर वेटिंग बढ़ सकती है। बुकिंग से पहले डीलर से डिलीवरी की तारीख लिखित में लें।
- ऑफर्स: त्योहार के बाद कुछ कंपनियां बचे स्टॉक पर छूट देती हैं। जल्दी न हो तो नवंबर-दिसंबर के ऑफर्स पर नजर रखें। साल के आखिर में मिलने वाली छूट के साथ यह भी ध्यान रखें कि गाड़ी का मॉडल ईयर बदल जाता है।
- लोन: गाड़ी लोन पर लेने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और EMI की तुलना जरूर करें।
- निवेशकों के लिए: सोमवार को शेयर बाजार में ऑटो शेयरों पर इन आंकड़ों का असर दिख सकता है, पर निवेश का फैसला सिर्फ एक महीने के आंकड़ों पर न करें।
आगे क्या?
असली तस्वीर दिवाली के बाद रिटेल बिक्री और वाहन पंजीकरण के आंकड़ों से साफ होगी, क्योंकि होलसेल आंकड़ों में डीलरों के पास भेजा गया स्टॉक भी शामिल होता है। ऑटो डीलरों का संगठन FADA आमतौर पर महीने की शुरुआत में पिछले महीने के रिटेल आंकड़े जारी करता है, जिससे पता चलेगा कि त्योहारी मांग कितनी टिकाऊ है।
स्रोत: कंपनियों की स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग, The Hindu BusinessLine, The Economic Times, Business Standard।

