सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 की शाम हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने गुरुवार को सऊदी अधिकारियों के हवाले से पुष्टि की कि इस हमले में मारे गए दो लोगों में एक भारतीय है और दो अन्य भारतीय घायल हुए हैं। इसी दिन सऊदी अरामको के शायबा तेल क्षेत्र पर हुए एक अलग ड्रोन हमले में भी एक भारतीय घायल हुआ। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन हमलों को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया है।
दूतावास ने क्या कहा
भारतीय दूतावास ने X पर लिखा कि सऊदी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि “कल रात दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले में जान गंवाने वाले दो लोगों में एक भारतीय नागरिक था और दो भारतीय नागरिक घायल हुए हैं।” दूतावास ने कहा कि वह आगे की जानकारी जुटा रहा है और प्रभावित परिवारों से संपर्क कर रहा है।
दूतावास ने अभी तक मृतक का नाम आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया है। हालांकि केरल के कुछ मलयालम अखबारों (सुप्रभातम और मंगलम) की रिपोर्टों में मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी 37 वर्षीय कमलेश पांडे के रूप में बताई गई है, जो इन रिपोर्टों के मुताबिक दम्माम एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ के तौर पर काम करते थे। आधिकारिक पुष्टि होने पर इस जानकारी को अपडेट किया जाएगा।
सऊदी विमानन प्राधिकरण के आंकड़े
सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने पहले बयान में एक मौत और आठ घायलों की जानकारी दी थी। बाद में जारी पूरक बयान में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई, जिनमें एक सऊदी नागरिक और एक भारतीय निवासी शामिल हैं। घायलों की संख्या आठ ही बताई गई है:
- 1 सऊदी नागरिक
- 2 भारतीय
- 2 यमनी
- 2 बांग्लादेशी
- 1 नेपाली
GACA के अनुसार घायलों की चोटें मामूली से लेकर गंभीर तक हैं और उनका कई अस्पतालों में इलाज चल रहा है। प्राधिकरण ने यह भी कहा कि एयरपोर्ट पर संचालन फिर शुरू हो गया है और हवाई यातायात सामान्य हो गया है। सऊदी अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि हमला ड्रोन से हुआ या मिसाइल से, और न ही सार्वजनिक रूप से किसी को इसका जिम्मेदार ठहराया है। यह वही एयरपोर्ट है जिसे 11 अक्टूबर को भी निशाना बनाया गया था।
शायबा तेल क्षेत्र पर भी हमला
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि बुधवार सुबह शायबा तेल क्षेत्र में अरामको की एक प्रोसेसिंग फैसिलिटी को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे ड्रोन को मार गिराया गया, लेकिन उसके मलबे से एक ठेकेदार के वाहन में आग लग गई। इसमें फिलीपींस और नेपाल के दो लोगों की मौत हुई। रिपोर्टों के अनुसार इस घटना में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए।
पृष्ठभूमि: अक्टूबर में लगातार हमले
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही पिछले कुछ महीनों से सऊदी अरब के हवाई अड्डों, ऊर्जा ठिकानों और लाल सागर में टैंकरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं। बीबीसी के मुताबिक जुलाई में करीब चार साल से चला आ रहा अनौपचारिक युद्धविराम टूटने लगा था। हूती इसे सऊदी अरब की नाकेबंदी और यमन में हवाई हमलों का जवाब बताते हैं।
सऊदी अधिकारियों के अनुसार अक्टूबर की शुरुआत से अब तक हवाई अड्डों पर हुए हमलों में कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है। 10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी और 308 लोग घायल हुए थे, जिसे एक दशक से ज्यादा समय में सऊदी अरब का सबसे घातक हमला बताया गया। रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट 18 अक्टूबर को दोबारा खुला।
भारत सरकार का रुख
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “नागरिक और अहम बुनियादी ढांचे पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रुकना चाहिए।” मंत्रालय ने सऊदी अरब के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता जताते हुए क्षेत्र में जल्द शांति लौटने की उम्मीद जताई।
MEA के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में लगभग 3,000 फंसे हुए उमराह यात्री उपलब्ध उड़ानों से भारत लौटे हैं। इसके अलावा 10,000 से ज्यादा सामान्य उमराह यात्री, जिनकी पहले से बुकिंग थी, भी इसी दौरान लौट आए हैं। बाकी यात्रियों की वापसी के लिए एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों से बात चल रही है।
आप पर क्या असर पड़ेगा
सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं और उमराह के लिए भी हर हफ्ते हजारों लोग जाते हैं। ऐसे में यह खबर सीधे कई परिवारों से जुड़ी है:
उड़ानों की स्थिति
इकोनॉमिक टाइम्स और लाइवमिंट की रिपोर्टों के अनुसार एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद, जेद्दा और दम्माम की उड़ानें 24 अक्टूबर तक रद्द रखी हैं। इंडिगो ने भी रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना की उड़ानें 24 अक्टूबर तक रोकी हैं। यात्रा से पहले एयरलाइन की ताजा एडवाइजरी जरूर देखें और रिफंड या री-बुकिंग के विकल्प के बारे में एयरलाइन से ही पुष्टि करें।
सऊदी में रह रहे परिजनों के लिए
भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीयों को सतर्क रहने, स्थानीय अधिकारियों के निर्देश मानने और हवाई हमले के समय घर के अंदर शरण लेने की सलाह दी है। मदद के लिए 24×7 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं:
- भारतीय दूतावास, रियाद: +966-554412016, +966-542126784; टोल-फ्री 8002471234 (सिर्फ सऊदी के अंदर से); व्हाट्सऐप (केवल मैसेज) +966-536216082
- भारतीय वाणिज्य दूतावास, जेद्दा: +966-12-2614093, +966-556122301; व्हाट्सऐप (केवल मैसेज) +966-536209704
आगे क्या
दूतावास मृतक और घायलों के बारे में और जानकारी जुटा रहा है। आधिकारिक पहचान और पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया पर आगे जानकारी आ सकती है। 24 अक्टूबर के बाद भारतीय एयरलाइंस सऊदी उड़ानें बहाल करती हैं या रोक और बढ़ाती हैं, यह भी देखना होगा। सुरक्षा हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए किसी भी यात्रा से पहले आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें।
स्रोत: भारतीय दूतावास रियाद और विदेश मंत्रालय के बयान (द हिंदू, द ट्रिब्यून/ANI, इंडियन एक्सप्रेस के जरिए), सऊदी GACA का बयान, बीबीसी, गल्फ न्यूज, इकोनॉमिक टाइम्स।

