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6 नवम्बर 2026, शुक्र

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज में कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए राजधानी में एक लाख स्मार्ट स्ट्रीटलाइट और 50,000 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने पर काम कर रही है। पीटीआई की रिपोर्ट (हिंदुस्तान टाइम्स, द हिंदू और न्यू इंडियन एक्सप्रेस पर) और द ट्रिब्यून की अलग रिपोर्ट के अनुसार स्मार्ट एलईडी लाइटों की परियोजना 15 अक्टूबर को शुरू हो चुकी थी।

कहां और क्या कहा

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री दौलत राम कॉलेज के सेंटेनरी एकेडमिक बिल्डिंग, कंप्यूटर सेंटर और स्किल डेवलपमेंट सेंटर के उद्घाटन के मौके पर बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हर लड़की बिना डर के अपने सपने पूरे कर सके और सरकार उनकी सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों के लिए उनके साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ महिलाओं पर नहीं होनी चाहिए; लड़कियों पर पाबंदी लगाने की बजाय लड़कों और पुरुषों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाया जाना चाहिए।

स्मार्ट स्ट्रीटलाइट: 48 घंटे में मरम्मत की शर्त

द ट्रिब्यून की 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार रेखा गुप्ता ने “सेवा संकल्प अभियान” के तहत एंड्रयूज़ गंज बस स्टॉप से एक लाख स्मार्ट एलईडी स्ट्रीटलाइट लगाने की परियोजना शुरू की। रिपोर्ट के अनुसार खराबी की सूचना मिलने के 48 घंटे के भीतर मरम्मत न होने पर एजेंसियों पर प्रति लाइट प्रति दिन ₹2,000 का जुर्माना लगेगा। हर लाइट की निगरानी केंद्रीय कमांड सेंटर से रियल टाइम में होगी और उस पर क्यूआर कोड होगा, जिसे स्कैन करके नागरिक जानकारी देख सकते हैं और शिकायत दर्ज कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य 99% लाइटें चालू रखने का है।

तकनीकी विवरण

द ट्रिब्यून के अनुसार करीब एक लाख लाइटों को स्मार्ट एलईडी से बदला जाएगा, जिनमें लगभग 45,000 हाई-प्रेशर सोडियम वेपर लैंप शामिल हैं, और निगरानी के लिए स्मार्ट फीडर पिलर भी लगेंगे। परियोजना में मुख्य सड़कों पर औसत 35 लक्स और सर्विस रोड पर 25 लक्स रोशनी सात साल तक बनाए रखने का लक्ष्य है। लाइटों का कलर टेम्परेचर 3,000 केल्विन और न्यूनतम ल्यूमिनस एफिकेसी 150 लुमेन प्रति वाट होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के हवाले से रिपोर्ट में लिखा है कि स्मार्ट शेड्यूलिंग से शाम को रोशनी अपने आप बढ़ेगी और सुबह घटेगी, और पांच साल में करीब ₹100 करोड़ की बिजली बचत होगी।

यह परियोजना क्यों शुरू हुई

द ट्रिब्यून के अनुसार यह पहल दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्राओं से मुख्यमंत्री की बातचीत के बाद आई, जिसमें छात्राओं ने कई इलाकों में कम रोशनी और अंधेरे हिस्सों की शिकायत की थी। लोक निर्माण मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि परियोजना से सड़कों पर दृश्यता बेहतर होगी और रात का सफर सुरक्षित होगा, और नियमित रखरखाव व प्रभावी निगरानी पर ध्यान रहेगा।

50,000 सीसीटीवी और बजट का जिक्र

द हिंदू (पीटीआई के इनपुट के साथ) के अनुसार 50,000 नए सीसीटीवी कैमरों की योजना पर काम चल रहा है और दोनों परियोजनाओं की घोषणा मुख्यमंत्री ने इस साल मार्च में पेश बजट में की थी। एचटी और न्यू इंडियन एक्सप्रेस की पीटीआई कॉपी के अनुसार कैमरे पूरे शहर में निगरानी मजबूत करेंगे। कैमरे कहां और कब तक लगेंगे, इसकी समयसीमा रिपोर्टों में नहीं दी गई है।

कॉलेज में और क्या हुआ

पीटीआई के अनुसार मुख्यमंत्री ने फैकल्टी रीडिंग रूम, सेमिनार रूम, पुस्तकालय के श्री रमालय और रीसाइक्लिंग व बेकरी यूनिट का निरीक्षण किया, कॉलेज के ऑडिटोरियम के नवीनीकरण पर सहयोग का भरोसा दिया और “मिस DRC टैलेंट हंट” शुरू किया। महिला विकास समिति की छात्राओं ने आत्मरक्षा का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे इसी कॉलेज की छात्र संघ की महासचिव रह चुकी हैं, और कहा कि शिक्षा सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली होनी चाहिए। समारोह में डीयू के कुलपति योगेश सिंह, प्राचार्य सविता रॉय और गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन मुकुल गुप्ता भी मौजूद थे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

दिल्ली में कितनी स्मार्ट स्ट्रीटलाइट लगेंगी?

करीब एक लाख, जो केंद्रीय कमांड सेंटर से जुड़ी होंगी।

कितने नए सीसीटीवी कैमरे लगेंगे?

50,000, मुख्यमंत्री के अनुसार इस पर योजना और काम जारी है।

लाइट खराब होने पर क्या होगा?

ट्रिब्यून के अनुसार 48 घंटे में मरम्मत न होने पर एजेंसी पर प्रति लाइट प्रति दिन ₹2,000 जुर्माना।

नोट: जानकारी 27 अक्टूबर और 16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों पर आधारित है।

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