कल का मौसम, 18 अक्टूबर 2026: देश में इस वक्त मौसम दो हिस्सों में बंटा दिख रहा है। दक्षिण भारत में बारिश का दौर थम नहीं रहा, जबकि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और बाकी उत्तर भारत में आसमान ज्यादातर साफ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के शनिवार (17 अक्टूबर) रात 8:53 बजे जारी ऑल-इंडिया बुलेटिन के मुताबिक रविवार को तमिलनाडु-पुडुचेरी, केरल, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। साथ ही IMD ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 19 अक्टूबर के आसपास एक लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है।
सोशल मीडिया और कुछ क्षेत्रीय रिपोर्टों में “अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों तरफ लो प्रेशर” की बात चल रही है। IMD के आधिकारिक दस्तावेज़ इस बारे में क्या कहते हैं, किस राज्य में रविवार को क्या चेतावनी है और आने वाले दशहरा तक मौसम कैसा रह सकता है, यह सब हमने IMD के प्रेस रिलीज़ और बुलेटिन के आधार पर आसान भाषा में समझाया है।
18 अक्टूबर (रविवार) का पूर्वानुमान: एक नज़र में
IMD के बुलेटिन में “Day 2” यानी 18 अक्टूबर के लिए ये चेतावनियां दी गई हैं (हर दिन की चेतावनी उस दिन सुबह 8:30 बजे से अगले दिन सुबह 8:30 बजे तक मान्य होती है):
- भारी बारिश (कहीं-कहीं): आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल।
- गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवा: आंध्र प्रदेश, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा।
- गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा की हवा: पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के इक्का-दुक्का इलाके।
- बिजली गिरने के साथ गरज: छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ स्थान।
- तेज सतही हवाएं: आंध्र प्रदेश में कहीं-कहीं।
- समुद्र: कर्नाटक-केरल तट और लक्षद्वीप के पास अरब सागर में 35-45 किमी/घंटा (झोंकों में 55 किमी/घंटा तक) की तूफानी हवा। मछुआरों को 17 से 19 अक्टूबर तक इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।
ध्यान दें, उत्तर और पूर्वी भारत के लिए जो गरज-चमक की चेतावनी है, वह “isolated places” यानी इक्का-दुक्का जगहों के लिए है। IMD के दोपहर वाले प्रेस रिलीज़ में साफ लिखा है कि इस हफ्ते उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में “कोई खास मौसमी गतिविधि” की संभावना नहीं है। यानी किसी बड़े बदलाव या लगातार बारिश की उम्मीद इन इलाकों में फिलहाल नहीं है।
दक्षिण भारत: 23 अक्टूबर तक बारिश का दौर
IMD के 17 अक्टूबर के प्रेस रिलीज़ का शीर्षक ही यही है कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भारी बारिश वाला “वेट स्पेल” 23 अक्टूबर तक जारी रह सकता है। तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी में 17 से 23 अक्टूबर तक ज्यादातर जगहों पर बारिश का अनुमान है।
राज्यवार आगे के दिनों की तस्वीर कुछ ऐसी है:
- तमिलनाडु-पुडुचेरी: 18-19 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश; 20 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान; 21-23 अक्टूबर को फिर भारी बारिश संभव।
- केरल और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक (बेंगलुरु वाला इलाका): 18 से 23 अक्टूबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश।
- तटीय कर्नाटक: 20-22 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना।
- आंध्र प्रदेश: रात के बुलेटिन के मुताबिक 18 से 21 अक्टूबर तक हर दिन कहीं-कहीं भारी बारिश और तेज हवा की चेतावनी।
- तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक: 17-23 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश, गरज-चमक के साथ।
पिछले 24 घंटों (17 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे तक) में भी बारिश जमकर हुई। IMD के मुताबिक गोवा, तमिलनाडु और केरल में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज हुई। सबसे ज्यादा बारिश केरल के कन्नूर में 16 सेमी, तमिलनाडु के कांचीपुरम में 15 सेमी, गोवा के डाबोलिम में 12 सेमी, तटीय कर्नाटक के मनकी (उत्तर कन्नड़) में 10 सेमी, चित्तूर में 8 सेमी और गुंटूर व कुणिगल (तुमकुरु) में 7-7 सेमी रही।
बेंगलुरु में भी बारिश ने शनिवार को भारत-वेस्टइंडीज के निर्णायक पांचवें टी20 मुकाबले को प्रभावित किया। मैच से पहले के मौसम पर हमारी रिपोर्ट यहां पढ़ें। तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत पर हमारी पिछली खबर यहां है।
“दोनों तरफ लो प्रेशर” का सच: IMD ने असल में क्या कहा
कई क्षेत्रीय रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में एक साथ लो प्रेशर बन रहा है। IMD के दस्तावेज़ों को पढ़ने पर तस्वीर थोड़ी अलग और ज्यादा सटीक दिखती है:
- अरब सागर: 17 अक्टूबर शाम 5:30 बजे के विश्लेषण के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (upper air cyclonic circulation) बना हुआ है। IMD का कहना है कि इसके असर से 19 अक्टूबर के आसपास उसी इलाके में लो प्रेशर एरिया बन सकता है। IMD की 16 अक्टूबर की ट्रॉपिकल साइक्लोन फोरकास्ट रिपोर्ट के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में अदन की खाड़ी की ओर बढ़ सकता है। यानी फिलहाल के संकेत भारतीय तट की ओर बढ़ने के नहीं हैं।
- बंगाल की खाड़ी: उसी 16 अक्टूबर की रिपोर्ट में मध्य बंगाल की खाड़ी में करीब 18 अक्टूबर को एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना बताई गई है, जो धीरे-धीरे दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़कर लगभग 22 अक्टूबर तक दक्षिण-पूर्व अरब सागर में पहुंच सकता है। इस रिपोर्ट में बंगाल की खाड़ी के लिए लो प्रेशर एरिया का ज़िक्र नहीं है। अंडमान सागर में 21 अक्टूबर के आसपास एक और परिसंचरण उभरने की संभावना भी बताई गई है।
फर्क समझिए: “चक्रवाती परिसंचरण” हवा का घुमाव है, जो बादल और बारिश बढ़ाता है। “लो प्रेशर एरिया” उससे एक कदम आगे की अवस्था है। उसके बाद डिप्रेशन, डीप डिप्रेशन और फिर चक्रवात की श्रेणियां आती हैं। इसलिए हर परिसंचरण या लो प्रेशर का मतलब चक्रवात नहीं होता। IMD आमतौर पर ऐसे सिस्टम पर रोज़ नया अपडेट देता है, इसलिए अगले दो-तीन दिन के बुलेटिन देखना ज़रूरी होगा।
दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान: कैसा रहेगा रविवार
- दिल्ली-NCR: IMD के मुताबिक 18 अक्टूबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 31-33°C और न्यूनतम 18-20°C के बीच रह सकता है। अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री कम रहने का अनुमान है। दोपहर में उत्तर-पश्चिम से करीब 20 किमी/घंटा तक की हवा चल सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को भी दिल्ली में साफ आसमान और लगभग यही तापमान रहने का अनुमान है।
- उत्तर प्रदेश: कुल मिलाकर मौसम शुष्क रहेगा। IMD ने पूर्वी यूपी में इक्का-दुक्का जगहों पर गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा की हवा की चेतावनी दी है, लेकिन किसी बड़ी बारिश का संकेत नहीं है।
- बिहार: बिहार के लिए IMD के बुलेटिन में रविवार को कोई खास चेतावनी नहीं है। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक भी 18 से 23 अक्टूबर तक राज्य में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
- राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान शुष्क रहेगा।
- मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़: कुछ जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका।
शनिवार को देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान पंजाब के बठिंडा में 13.0°C दर्ज हुआ, जबकि सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान गुजरात के राजकोट में 40.3°C रहा। यानी उत्तर में रातें हल्की ठंडी होने लगी हैं, पर पश्चिम भारत में दिन अभी भी गर्म हैं।
महाराष्ट्र और गोवा: गर्मी और गरज-चमक दोनों
कोंकण-गोवा, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में 17 से 19 अक्टूबर तक (मध्य महाराष्ट्र में 20 अक्टूबर तक) कहीं-कहीं गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी/घंटा (झोंकों में 60 किमी/घंटा तक) की हवा की चेतावनी है। IMD ने 17 अक्टूबर को कोंकण-गोवा में गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी भी दी थी। मुंबई समेत कोंकण में इस महीने की असामान्य गर्मी पर पिछले दिनों काफी चर्चा रही है।
आप पर क्या असर पड़ेगा: काम की बातें
- दक्षिण भारत में यात्रा: IMD ने भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने, सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई है। चेन्नई, बेंगलुरु, कोच्चि जैसे शहरों में सफर करने वाले लोग निकलने से पहले स्थानीय ट्रैफिक और ट्रेन अपडेट देख लें।
- बिजली से बचाव: गरज-चमक के समय पेड़ के नीचे शरण न लें, बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें, और तालाब या खुले पानी से तुरंत बाहर आ जाएं। IMD की यही सलाह है।
- किसानों के लिए: IMD की कृषि सलाह के मुताबिक तमिलनाडु में धान, कपास, मक्का, मूंगफली के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें। कर्नाटक में पकी मूंग, उड़द और सोयाबीन मौका मिलते ही काटकर ढकी जगह पर रखें। केरल में कटे धान को सूखी जगह रखें। केला और गन्ने जैसी फसलों को सहारा दें ताकि तेज हवा में न गिरें।
- मछुआरे: कर्नाटक-केरल तट और लक्षद्वीप के पास 19 अक्टूबर तक समुद्र में न जाएं।
- उत्तर भारत: दशहरा और त्योहारी खरीदारी के लिए फिलहाल मौसम साफ रहने के संकेत हैं। दशहरे पर बैंक छुट्टियों की राज्यवार सूची यहां देखें।
भारी, बहुत भारी बारिश का मतलब क्या है?
IMD की शब्दावली के मुताबिक 24 घंटे में 64.5 से 115.5 मिमी बारिश को “भारी”, 115.6 से 204.4 मिमी को “बहुत भारी” और 204.4 मिमी से ज्यादा को “अत्यधिक भारी” बारिश कहा जाता है। IMD यह भी साफ करता है कि उसके नक्शों पर लाल रंग की चेतावनी का मतलब “रेड अलर्ट” नहीं, बल्कि “कार्रवाई करें” है। साथ ही पूर्वानुमान की अवधि जितनी लंबी होती है, उसकी सटीकता उतनी कम होती जाती है। इसलिए 20-23 अक्टूबर वाले अनुमान में आगे बदलाव हो सकता है।
आगे क्या: किन अपडेट पर नज़र रखें
अगले 48 घंटों में दो बातें अहम होंगी। पहली, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 19 अक्टूबर के आसपास लो प्रेशर बनता है या नहीं, और उसकी दिशा क्या रहती है। दूसरी, बंगाल की खाड़ी वाला परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए तमिलनाडु और केरल की बारिश को कितना तेज करता है। तमिलनाडु के लिए 20 अक्टूबर की “बहुत भारी बारिश” की चेतावनी पर खास ध्यान देना होगा। ज़िलेवार चेतावनी IMD की वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर ज़िलावार नक्शे में देखी जा सकती है। हम नए बुलेटिन आने पर इस खबर को अपडेट करेंगे।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का 17 अक्टूबर 2026 का प्रेस रिलीज़ (दोपहर 12:50 बजे) और ऑल-इंडिया वेदर बुलेटिन (रात 8:53 बजे), IMD/RSMC नई दिल्ली की 16 अक्टूबर 2026 की ट्रॉपिकल साइक्लोन फोरकास्ट प्रोग्राम रिपोर्ट, IMD की सब-डिवीज़न वार चेतावनी, और लाइव हिन्दुस्तान की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट।

