कोलकाता के कालीघाट में मंगलवार शाम पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के ठीक बाहर एक महिला उनसे भिड़ गई। ममता की पार्टी का आरोप है कि महिला के हाथ में चाकू था और उसने हमला करने की कोशिश की। वहीं कोलकाता पुलिस ने अपने बयान में चाकू या हमले का ज़िक्र नहीं किया और इसे ‘तीखी बहस’ बताया। ममता बनर्जी पर हमले की कोशिश के इस आरोप के बाद 38 साल की महिला सिविक वॉलंटियर को हिरासत में ले लिया गया है। राहत की बात यह है कि ममता को कोई चोट नहीं आई।
कब और कैसे हुई घटना?
घटना 13 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 बजे की है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ममता घर से निकलकर पास के कालीघाट मिलन संघ पंडाल में दुर्गा पूजा का उद्घाटन करने जा रही थीं। घटना के बाद भी वह पैदल पंडाल तक गईं, एक बच्चे से फीता कटवाया और पूजा-अर्चना की।
पार्टी की शिकायत में क्या आरोप?
राज्यसभा सांसद डोला सेन ने कालीघाट थाने के प्रभारी को ईमेल से शिकायत भेजी। इसमें आरोप लगाया गया कि महिला कथित तौर पर सिविक वॉलंटियर है और नशे में थी। उसने गाली-गलौज की, खुद को ममता की भतीजी बताया, चाकू लेकर हमला करने की कोशिश की और सड़क पर लेट गई। शिकायत में सवाल उठाया गया कि Z-प्लस सुरक्षा वाली नेता के गेट तक कोई कैसे पहुंचा, और साज़िश की आशंका जताई गई। साथ में फोटो-वीडियो भी सौंपे गए।
पुलिस का बयान क्या कहता है?
कोलकाता पुलिस के बयान के मुताबिक, “पूर्व मुख्यमंत्री जब अपने आवास से निकल रही थीं, तब एक महिला ने उनका सामना किया, जिससे तीखी बहस हुई। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने महिला को हिरासत में ले लिया।” पुलिस ने बताया कि महिला 38 साल की है, कोलकाता की रहने वाली है और वेस्ट पोर्ट थाने में सिविक वॉलंटियर के तौर पर तैनात थी। टाइम्स ऑफ इंडिया से एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि FIR दर्ज की जा रही है, सुरक्षाकर्मियों समेत चश्मदीदों से बात हो रही है और CCTV फुटेज जुटाई गई है।
सियासी बयानबाज़ी तेज़
पार्टी प्रवक्ता साकेत गोखले ने X पर लिखा कि बंगाल में Z+ सुरक्षा वाली और तीन बार की मुख्यमंत्री तक सुरक्षित नहीं हैं, और भाजपा पर साज़िश का सवाल उठाया। दूसरी तरफ राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अगर महिला ने हमले की कोशिश की है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए और उनकी पार्टी ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं करती।
बता दें कि मई 2026 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद तृणमूल तीन कार्यकाल के बाद सत्ता से बाहर हुई और अब राज्य में शुभेंदु अधिकारी की सरकार है। इसके बाद पार्टी में टूट भी हुई। NDTV के मुताबिक अगस्त में भी ममता ने अपनी कार पर हमले का आरोप लगाया था।
समझिए: इस मामले से जुड़े अहम सवाल
- सिविक वॉलंटियर कौन होते हैं? ये बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के अनुबंध पर रखे गए कर्मी हैं, जो ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण में मदद करते हैं। ये नियमित पुलिसकर्मी नहीं होते।
- ईमेल से शिकायत मान्य है? हाँ। पार्टी ने शिकायत BNSS की धारा 173 के तहत दर्ज करने को कहा है। यह धारा संज्ञेय अपराध की सूचना से जुड़ी है और इसमें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सूचना देने का प्रावधान है। शर्त यह है कि सूचना देने वाले को तीन दिन के भीतर उस पर हस्ताक्षर करने होते हैं।
- दो कहानियां, सच क्या? फिलहाल पार्टी चाकू से हमले की कोशिश का आरोप लगा रही है, जबकि पुलिस ने अब तक अपने बयान में न चाकू की बरामदगी की बात कही है, न हमले की पुष्टि की है। शिकायत और पुलिस बयान में महिला का नाम भी अलग-अलग बताया गया है। जांच से पहले नतीजा निकालना ठीक नहीं।
आगे क्या
CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयान से साफ होगा कि महिला के पास वाकई चाकू था या नहीं, और वह सुरक्षा घेरे के इतने करीब कैसे पहुंची। पार्टी नेता स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। अगर सुरक्षा में चूक साबित होती है, तो ममता की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
ममता बनर्जी के साथ क्या हुआ?
13 अक्टूबर की शाम कालीघाट स्थित घर के बाहर एक महिला उनसे भिड़ गई। पार्टी का आरोप है कि उसने चाकू से हमले की कोशिश की।
क्या ममता बनर्जी को चोट आई?
नहीं। घटना के बाद उन्होंने पूजा पंडाल का उद्घाटन भी किया।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने 38 वर्षीय महिला सिविक वॉलंटियर को हिरासत में लिया है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की बात कही है।
पुलिस ने चाकू की बात मानी?
पुलिस के बयान में अब तक चाकू या हमले का ज़िक्र नहीं है; उसने इसे तीखी बहस बताया है।
स्रोत: The Hindu, Indian Express, NDTV, Times of India, कोलकाता पुलिस का बयान, BNSS धारा 173 (13-14 अक्टूबर 2026)।

