मैगी, किटकैट और नेस्कैफे बनाने वाली FMCG कंपनी नेस्ले इंडिया ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे जारी किए। कागज पर आंकड़े दमदार हैं—स्टैंडअलोन मुनाफा 36% उछलकर ₹1,026.8 करोड़ पहुंचा और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 20.3% बढ़कर ₹6,788.3 करोड़ रहा। फिर भी शेयर बाजार ने नतीजों का स्वागत गिरावट से किया और कारोबार के दौरान शेयर करीब 5 से 7 प्रतिशत तक फिसल गया।
नतीजों की मुख्य बातें
- स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ: ₹1,026.8 करोड़ (+36.2% YoY; पिछले साल करीब ₹753 करोड़)
- कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ: ₹1,009.6 करोड़ (+35.9%)
- ऑपरेशंस से रेवेन्यू: ₹6,788.3 करोड़ (+20.3%; पिछले साल ₹5,644 करोड़)
- कुल बिक्री: ₹6,782.2 करोड़ (+20.5%)
- घरेलू बिक्री: ₹6,514.7 करोड़ (+20.4%)
- एक्सपोर्ट: ₹267.4 करोड़ (+22%)
- EBITDA मार्जिन: 23.8%
Moneycontrol के मुताबिक स्टैंडअलोन मुनाफा CNBC-TV18 पोल के अनुमान (₹1,018 करोड़) से थोड़ा ऊपर रहा, जबकि रेवेन्यू लगभग अनुमान (₹6,789 करोड़) के बराबर रहा। Zee Business के अनुमान में भी मुनाफा ₹1,018 करोड़ और रेवेन्यू ₹6,780 करोड़ आंका गया था।
अच्छे नतीजों के बाद भी शेयर क्यों गिरा?
बाजार में अक्सर “खबर अच्छी, शेयर नीचे” वाली स्थिति तब बनती है जब निवेशक आगे की तस्वीर को लेकर चिंतित हों। यहां भी यही हुआ। कंपनी के चेयरमैन और MD मनीष तिवारी ने माना कि बढ़ती महंगाई, खासकर खाद्य महंगाई, एक हकीकत है और कंपनी इनोवेशन, उत्पादकता और लागत-कुशलता के जरिए कच्चे माल के दबाव से निपटने की कोशिश करेगी (Moneycontrol)।
कंपनी की कमोडिटी टिप्पणी के अनुसार कॉफी और गेहूं के दाम सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है, चीनी और खाद्य तेल ऊंचे स्तर पर टिके हैं, जबकि कोको के दाम मौसम की वजह से अस्थिर हैं। यानी आने वाली तिमाहियों में मार्जिन पर दबाव आ सकता है—यही चिंता शेयर पर भारी पड़ी।
ग्रोथ कहां से आई
तिवारी के मुताबिक लगभग सभी प्रोडक्ट ग्रुप में ग्रोथ दिखी और वॉल्यूम ग्रोथ डबल डिजिट में रही। ई-कॉमर्स, खासकर क्विक कॉमर्स, में तेज बढ़त रही। ऑर्गनाइज्ड रिटेल और आउट-ऑफ-होम (कैफे, ऑफिस आदि) कारोबार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
आप पर क्या असर पड़ेगा
- ग्राहक के तौर पर: जब कोई बड़ी FMCG कंपनी खुद महंगाई और कमोडिटी लागत का दबाव मानती है, तो आगे चलकर दाम बढ़ाने या पैक साइज घटाने (shrinkflation) की आशंका रहती है। अभी कंपनी ने किसी कीमत बढ़ोतरी का ऐलान नहीं किया है।
- मौजूदा निवेशक: एक दिन की 5-7% गिरावट पर घबराकर फैसला न लें। देखें कि गिरावट मार्जिन की चिंता से है या कंपनी की ग्रोथ से—इस बार वॉल्यूम ग्रोथ मजबूत रही है।
- नए निवेशक: FMCG शेयर आम तौर पर ऊंचे वैल्यूएशन पर ट्रेड करते हैं। एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय किस्तों में खरीद और लंबी अवधि का नजरिया बेहतर रहता है।
आगे क्या
अब नजर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही पर रहेगी, जिसमें त्योहारी मांग और कच्चे माल की कीमतें दोनों अहम होंगी। अगर कोको, चीनी और खाद्य तेल के दाम नरम नहीं हुए, तो EBITDA मार्जिन को 23.8% के आसपास बनाए रखना कंपनी के लिए चुनौती होगा। दूसरी FMCG कंपनियों के Q2 नतीजे भी इस सेक्टर का मूड तय करेंगे।
नोट: यह खबर केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
नेस्ले इंडिया का Q2 FY27 मुनाफा कितना रहा?
स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ ₹1,026.8 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर करीब 36% ज्यादा है।
रेवेन्यू कितना बढ़ा?
ऑपरेशंस से रेवेन्यू 20.3% बढ़कर ₹6,788.3 करोड़ रहा।
नतीजों के बाद शेयर क्यों गिरा?
मैनेजमेंट ने खाद्य महंगाई और कमोडिटी लागत के दबाव की बात कही, जिससे आगे मार्जिन पर असर की आशंका बनी।
शेयर कितना टूटा?
गुरुवार को कारोबार के दौरान अलग-अलग समय पर करीब 5% से 7% तक की गिरावट दर्ज हुई।
स्रोत: Moneycontrol (15 Oct 2026), The Economic Times, Zee Business। आंकड़े कंपनी के तिमाही नतीजों पर आधारित रिपोर्ट्स से।

