सरकारी ITI की इमारतें अक्सर पुरानी मशीनों और कम प्लेसमेंट की शिकायतों से जुड़ी रहती हैं। केंद्र अब उद्योग को सीधे हिस्सेदार बनाकर इस ढांचे को बदलना चाहता है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को PM-SETU स्कीम के तहत सूरत और विशाखापट्टनम क्लस्टर के लिए शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट (SHA) साइन हुए।
PM-SETU क्या है और आज क्या हुआ?
पूरा नाम है Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की यह फ्लैगशिप स्कीम करीब ₹60,000 करोड़ की है। लक्ष्य है 1,000 सरकारी ITI को अपग्रेड करना और उद्योग की मांग के हिसाब से ट्रेड सिखाना।
आज का कदम प्लान से अमल की तरफ है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग (DGT), गुजरात सरकार, आंध्र प्रदेश सरकार और ArcelorMittal Nippon Steel India (AM/NS India) के बीच समझौते हुए। कुल नौ सरकारी ITI — सूरत में पांच, विशाखापट्टनम में चार — अपग्रेड होंगे। मंजूर निवेश करीब ₹440 करोड़: सूरत क्लस्टर ₹240 करोड़, विशाखापट्टनम ₹200 करोड़।
SPV मॉडल: उद्योग के हाथ में 51%
हर क्लस्टर के लिए अलग स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनेगा। हिस्सेदारी का फॉर्मूला साफ है — AM/NS India 51%, केंद्र 24.5%, संबंधित राज्य 24.5%। यानी पढ़ाई-प्रशिक्षण का संचालन उद्योग अगुवाई में चलेगा, सरकारें हिस्सेदार रहेंगी।
अकादमिक पार्टनर के रूप में NAMTECH (New Age Makers’ Institute of Technology) जुड़ा है। प्लान में वर्कशॉप-लैब आधुनिकीकरण, नए ट्रेड, पाठ्यक्रम अपडेट, प्रशिक्षक ट्रेनिंग और ज्यादा प्रैक्टिकल लर्निंग शामिल हैं।
विशाखापट्टनम: देश का पहला मंजूर SIP क्लस्टर
हिंदू बिजनेसलाइन के अनुसार विशाखापट्टनम क्लस्टर का स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) PM-SETU की नेशनल स्टीयरिंग कमिटी से मंजूर होने वाला देश का पहला प्लान था। अब SHA के बाद कानूनी ढांचा तैयार हुआ।
चार ITI: सरकारी ITI (ओल्ड) कंचरापालेम मुख्य ट्रेनिंग सेंटर बनेगा और सुविधाएं साझा करेगा — सरकारी ITI (गर्ल्स) इंडस्ट्रियल एस्टेट विशाखापट्टनम, सरकारी ITI बोब्बिली और सरकारी ITI नरसिपट्टनम के साथ।
आंध्र के मंत्री नारा लोकेश ने कहा कि राज्य के औद्योगिक विकास के साथ युवाओं को रोजगारपरक स्किल मिलनी चाहिए। AM/NS इंडिया के आशुतोष तेलंग ने मैन्युफैक्चरिंग अनुभव और NAMTECH की मदद से सुविधाएं व हैंड्स-ऑन लर्निंग मजबूत करने की बात कही।
सूरत क्लस्टर और बड़े चित्र
सूरत में पांच सरकारी ITI इसी उद्योग भागीदार के साथ ₹240 करोड़ में अपग्रेड होंगी। पीआईबी सार के मुताबिक AM/NS वाले ये प्रोजेक्ट अब तक मंजूर पहले 14 SIP (कुल करीब ₹3,446 करोड़) में सबसे बड़े उद्योग कमिटमेंट्स में से एक हैं।
MSDE सचिव देबश्री मुखर्जी ने कहा कि समझौता अंत नहीं, शुरुआत है — मकसद सिर्फ इमारतें चमकाना नहीं, बल्कि स्किलिंग की क्वालिटी और नतीजे ऊपर उठाना है।
छात्रों के लिए असली परीक्षा प्लेसमेंट और नए ट्रेड की मांग होगी। सरकार का दांव साफ है: ITI को फैक्टरी की जरूरत से जोड़ो, तभी सीटें खाली नहीं रहेंगी।
FAQ: PM-SETU ITI अपग्रेड
PM-SETU का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs।
कितनी ITI और कितना पैसा?
उत्तर: नौ ITI (सूरत 5 + विशाखापट्टनम 4), कुल करीब ₹440 करोड़ का मंजूर निवेश।
उद्योग की हिस्सेदारी कितनी है?
उत्तर: SPV में AM/NS India के पास 51%, केंद्र और राज्य के पास 24.5%–24.5%。
समझौते कब साइन हुए?
उत्तर: 12 अक्टूबर 2026 को DGT, गुजरात, आंध्र प्रदेश और AM/NS India के बीच।

