उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया नाम जुड़ गया है। पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को अपनी पार्टी जननीति भारत (Jan Neeti Bharat) के गठन का ऐलान किया और कहा कि पार्टी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव लड़ेगी। The Hindu (PTI) और Indian Express दोनों ने यह खबर दी।
यह ऐलान उनके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के करीब एक महीने बाद आया। हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार उन्होंने 30 अगस्त को इस्तीफे का ऐलान किया था और यूपी सरकार ने 15 सितंबर को इस्तीफा स्वीकार किया; उनके प्रशासनिक करियर के 13 साल पूरे हुए।
तीन बड़े वादे
वीडियो संदेश में मित्तल ने तीन प्रमुख वादे रखे (IE + HT):
- जनता केंद्रित नीति: लोग तय करें कि क्या चाहिए, विशेषज्ञ बताएं कैसे करना है। HT के अनुसार नारा—“जन से नीति, नीति से भारत”।
- जरूरत पर फैसला, पहचान पर नहीं: संसाधन जरूरत के आधार पर। उदाहरण—ऐप से महिलाएं असुरक्षित जगह मार्क करें; 100 रिपोर्ट पर स्ट्रीटलाइट, पुलिस गश्त और कैमरा प्राथमिकता (IE)।
- जवाबदेही: सड़क, अस्पताल, स्कूल के लिए हरा-पीला-लाल रंग कोड सिस्टम, ताकि नागरिक और अधिकारी कमजोरियों को देख सकें (IE)। HT नारा—“जनता को हिसाब; हिसाब से सुधार”।
“पार्टियों की कमी नहीं, सुनवाई की कमी है”
Indian Express के अनुसार मित्तल ने कहा, “आप पूछेंगे कि पार्टियों की कमी है क्या? कमी पार्टियों की नहीं, कमी सुनवाई की है।” गंगा किनारे बैठी सोच से पार्टी नाम आया—“हर व्यक्ति एक बूंद, हर बूंद गंगा।” नारा—“राजनीति नहीं, जननीति”।
धन और विज्ञापन न होने की बात मानते हुए उन्होंने कहा कि लड़ाई पोस्टर से नहीं, घर-घर से लड़ी जाएगी; हर घर दफ्तर, हर समर्थक प्रचारक (The Hindu)।
कौन हैं दिव्या मित्तल?
HT के अनुसार मूलतः हरियाणा के रेवाड़ी की, IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु की पढ़ाई; पहले लंदन में काम, फिर 2013 बैच IAS (रैंक 68)। संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में जिलाधिकारी रहीं; इस्तीफे के समय लखनऊ में राजस्व विभाग में विशेष सचिव। मिर्जापुर में हलिया ब्लॉक के लहुरिया डह गांव तक पाइप पानी पहुंचाने का काम चर्चा में रहा। The Hindu ने IIT/IIM और पूर्व वॉल स्ट्रीट ट्रेडर पृष्ठभूमि भी बताई।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
- यूपी के मतदाता: 2027 चुनाव से पहले नई पार्टी का मतलब है कि स्थानीय मुद्दों (सुनवाई, बुनियादी सुविधाएं, महिलाओं की सुरक्षा) पर वैकल्पिक आवाज उठ सकती है—फिर भी चुनावी ताकत समय और संगठन पर निर्भर है।
- प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार: IAS से राजनीति का रास्ता चर्चा में है; मित्तल ने साफ कहा वे किसी पुरानी पार्टी के झंडे तले नहीं लड़ेंगी।
- बैकग्राउंड: यूपी विधानसभा चुनाव करीब हैं; छोटी पार्टियों को पहचान, फंडिंग और गठबंधन की चुनौती रहती है—खुद मित्तल ने पैसे की कमी स्वीकार की है।
- आगे: HT के अनुसार उन्होंने अभी तक सीट का ऐलान नहीं किया; उम्मीदवार सूची और गठबंधन की तस्वीर बाद में साफ होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
दिव्या मित्तल की पार्टी का नाम क्या है?
जननीति भारत (Jan Neeti Bharat / Jan-niti Bharat)—स्रोतों में हल्की वर्तनी भिन्नता है।
पार्टी कब चुनाव लड़ेगी?
2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव।
मित्तल ने IAS कब छोड़ा?
इस्तीफे का ऐलान 30 अगस्त 2026; सरकार ने 15 सितंबर को स्वीकार किया (HT)।
स्रोत: The Indian Express, The Hindu (PTI), Hindustan Times, Times of India — 15 अक्टूबर 2026। तस्वीर प्रतीकात्मक (लखनऊ विधान भवन)।

