अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास रविवार रात संदिग्ध ड्रोन गतिविधि की सूचना मिलने के बाद उड़ान संचालन कुछ देर के लिए रोक दिया गया। सीआईएसएफ जवानों ने करीब रात 9:30 बजे दो-तीन लो-फ्लाइंग ड्रोन देखे। सुरक्षा एजेंसियों ने एंटी-ड्रोन प्रोटोकॉल सक्रिय किए और एयरस्पेस कंटेनमेंट लागू किया।
सोमवार देर शाम तक पुलिस आसपास के गांवों में जांच कर रही थी। अमृतसर ग्रामीण एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि सर्च ऑपरेशन जारी है।
कितनी उड़ानें प्रभावित हुईं?
शुरुआती रिपोर्टों में तीन उड़ानों के डायवर्जन का जिक्र था—दिल्ली से आ रही एयर इंडिया AI-855 को वापस दिल्ली भेजना, मुंबई से आ रही इंडिगो 6E-5028 को चंडीगढ़ भेजना, और कुआलालंपुर से आ रही मलेशिया एयरलाइंस MH-118 को दिल्ली रूट करना।
बाद में टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में एयरपोर्ट एटीसी अनिरुद्ध शर्मा के हवाले से स्पष्ट किया गया कि पुष्टि के मुताबिक दो उड़ानें ही प्रभावित हुईं—एयर इंडिया AI-855 और इंडिगो 6E-5028। एयरस्पेस करीब 9:50 बजे बंद हुआ और सुरक्षा समीक्षा के बाद करीब 11:15 बजे संचालन फिर शुरू हुआ। इंडिगो फ्लाइट बाद में चंडीगढ़ से उठी और आधी रात के आसपास अमृतसर पहुंच गई। यात्रियों को आधिकारिक जानकारी कम मिलने की शिकायत रही।
जांच: कबड्डी टूर्नामेंट की वीडियोग्राफी?
पुलिस की प्रारंभिक जांच का इशारा है कि ड्रोन पास के गांव में खेल प्रतियोगिता—कथित तौर पर कबड्डी टूर्नामेंट—की रिकॉर्डिंग के लिए उड़ाए गए हो सकते हैं। सितंबर 2026 में भी इसी एयरपोर्ट के पास संदिग्ध ड्रोन दिखे थे; उस घटना में करीब सात उड़ानें प्रभावित बताई गई थीं और तब भी खेल आयोजन का जिक्र आया था।
हवाई अड्डे के आसपास बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है। रिपोर्टों में DGCA के नो-ड्रोन जोन और स्थानीय प्रतिबंध दोनों का जिक्र है। एयरपोर्ट पुलिस ने अज्ञात ऑपरेटरों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सीमा के नजदीक एयरपोर्ट: सुरक्षा का संदर्भ
अमृतसर एयरपोर्ट भारत-पाकिस्तान सीमा से करीब 25 किलोमीटर दूर है। पंजाब में सीमा पार ड्रोन से नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाएं समय-समय पर चर्चा में रही हैं। इसलिए भले प्रारंभिक जांच खेल आयोजन की ओर इशारा करे, सुरक्षा एजेंसियां हर अनधिकृत उड़ान को गंभीर मानती हैं। यात्री सुविधा की दृष्टि से एयरपोर्ट और एयरलाइनों को देरी की सूचना तेज़ी से देनी चाहिए।
यात्रियों के लिए व्यावहारिक चेकलिस्ट
रात की उड़ान हो तो एयरलाइन ऐप पर पुश नोटिफिकेशन ऑन रखें। अगर फ्लाइट चंडीगढ़ या दिल्ली डायवर्ट हो जाए तो वैकल्पिक बस/टैक्सी और होटल का बजट पहले सोच लें। बच्चों या बुजुर्गों के साथ यात्रा हो तो पानी-दवाइयां हैंड बैग में रखें क्योंकि ग्राउंडिंग एक-दो घंटे भी खिंच सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को आधिकारिक अलर्ट न मानें—केवल एयरपोर्ट/एयरलाइन अपडेट पर भरोसा करें। स्थानीय निवासी अगर ड्रोन शौकिया उड़ाते हैं तो DGCA डिजिटल स्काई और पुलिस अनुमति पहले लें; ‘नहीं पता था’ सुरक्षा जोन में बचाव नहीं बनता।
आप पर क्या असर पड़ेगा
अगर आप अमृतसर से उड़ान भरने या वहां उतरने वाले हैं तो अचानक डायवर्जन और री-बुकिंग का जोखिम समझ लें—खासकर रात की उड़ानों में। टर्मिनल पर आधिकारिक ऐप/एसएमएस पर निर्भर रहें। आसपास के गांवों में रहने वालों के लिए संदेश साफ है: एयरपोर्ट के नजदीक बिना अनुमति ड्रोन मत उड़ाएं—जुर्माना और आपराधिक कार्रवाई दोनों हो सकती है।
आगे क्या?
पंजाब पुलिस, सीआईएसएफ और खुफिया एजेंसियां लॉन्च साइट खोज रही हैं। खेल कवरेज के लिए उड़े ड्रोन भी रेगुलेटेड जोन में कानूनी उल्लंघन हैं। अगली यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस दोबारा चेक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
अमृतसर एयरपोर्ट पर ड्रोन कब दिखे?
रविवार रात करीब 9:30 बजे सीआईएसएफ ने दो-तीन ड्रोन देखे; एयरस्पेस करीब 9:50 बजे बंद किया गया।
कितनी फ्लाइट डायवर्ट हुईं?
एटीसी की बाद की सफाई के मुताबिक दो—एयर इंडिया AI-855 और इंडिगो 6E-5028। शुरुआती रिपोर्टों में तीन का जिक्र था।
क्या ड्रोन सीमा पार से थे?
अभी पुलिस प्रारंभिक जांच में पास के खेल आयोजन की संभावना बता रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने पर आएगा।
एयरपोर्ट के पास ड्रोन उड़ाना कितना खतरनाक है?
टेकऑफ-लैंडिंग के समय छोटा ड्रोन भी बड़ा जोखिम बना सकता है। उल्लंघन पर केस दर्ज हो सकता है।

