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6 नवम्बर 2026, शुक्र

ओमान तट के पास भारतीय जहाज ‘अल जुसूफी’ पर हवाई हमला: गुजरात के नाविक की मौत, 13 को ओमान कोस्ट गार्ड ने बचाया; MEA ने की निंदा

अंतरिक्ष से ली गई होर्मुज जलडमरूमध्य की उपग्रह तस्वीर, ऊपर ईरान का तट और नीचे ओमान का मुसंदम प्रायद्वीप व UAE

ओमान के तट के पास एक भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हुए हमले में गुजरात के एक नाविक की मौत हो गई है। केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि 2 नवंबर को MSV अल जुसूफी (AL JUSUFI) नाम का जहाज, जिस पर 14 भारतीय नाविक सवार थे, ओमान के तट के पास चलते समय एक “अज्ञात हवाई वस्तु” से टकराया। 13 नाविकों को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन गुजरात के रहने वाले गांधार नहीम अजीज ने घायल होने के बाद दम तोड़ दिया।

अब तक क्या पता है

  • जहाज: भारतीय झंडे वाला MSV अल जुसूफी, जिस पर कुल 14 भारतीय नाविक थे।
  • तारीख और जगह: 2 नवंबर 2026 (सोमवार), ओमान के तट के पास। कुछ मीडिया रिपोर्टों में घटना को होर्मुज जलडमरूमध्य वाले इलाके से जोड़ा गया है।
  • हमला किसने किया: सरकार ने इसे सिर्फ “अज्ञात हवाई वस्तु” बताया है। अभी तक यह साफ नहीं है कि हमला किसने किया और इसमें ड्रोन था, मिसाइल या कुछ और। कुछ रिपोर्टों में ड्रोन की बात कही गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
  • बचाव: 13 नाविक जहाज से सुरक्षित निकले और ओमान कोस्ट गार्ड ने उन्हें बचाया।
  • मौत: गुजरात के गांधार नहीम अजीज की चोटों के कारण मौत हो गई।

सरकार ने क्या कहा

मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने X पर पोस्ट करके इस घटना की जानकारी दी और मृतक नाविक के परिवार के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने बताया कि नौवहन मंत्रालय और ओमान में भारतीय दूतावास वहां के स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। मंत्री के मुताबिक सरकार 13 बचे हुए नाविकों को तुरंत मदद देने, उन्हें जल्दी भारत वापस लाने और मृतक नाविक का पार्थिव शरीर घर पहुंचाने पर काम कर रही है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को एक बयान में इस हमले की निंदा की और क्षेत्र में तनाव तुरंत कम करने की अपील की। मंत्रालय ने कहा कि इलाके में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बहुत चिंता की बात हैं।

पृष्ठभूमि: समुद्र में बढ़ता खतरा

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी है और खाड़ी व ओमान की खाड़ी के समुद्री रास्तों पर व्यापारिक जहाजों पर हमलों की खबरें बार-बार आ रही हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, इस मौत के साथ पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या कम से कम 23 हो गई है। भारत पहले भी जहाजों पर हमलों को लेकर चिंता जता चुका है और नाविकों की सुरक्षा के लिए मिलकर कदम उठाने की बात करता रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। फारस की खाड़ी से निकलने वाला बड़ा हिस्सा कच्चा तेल और गैस इसी संकरे रास्ते से होकर दुनिया भर में जाता है, जिसमें भारत आने वाली सप्लाई भी शामिल है। इसके अलावा गुजरात और देश के दूसरे तटीय राज्यों के हजारों नाविक खाड़ी देशों के जहाजों और छोटे मालवाहक जहाजों पर काम करते हैं। इसलिए इस इलाके में किसी भी तरह की हिंसा का सीधा असर भारतीय परिवारों पर पड़ता है।

आप पर क्या असर पड़ेगा

नाविकों और उनके परिवारों के लिए: अगर आपके परिवार का कोई सदस्य खाड़ी या ओमान के आसपास जहाज पर काम करता है, तो यह घटना चिंता बढ़ाने वाली है। ऐसे में अपनी शिपिंग कंपनी या मैनिंग एजेंसी से लगातार संपर्क में रहें और नौवहन महानिदेशालय (DG Shipping) व संबंधित भारतीय दूतावास की आधिकारिक सलाह पर नजर रखें। सोशल मीडिया पर फैल रही बिना पुष्टि की खबरों पर भरोसा करने से बचें।

आम लोगों के लिए: इस रास्ते पर जहाजों के लिए खतरा बढ़ने से शिपिंग का बीमा और माल ढुलाई का खर्च बढ़ सकता है। लंबे समय तक ऐसा चला तो इसका असर तेल और दूसरे आयातित सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि एक घटना से तुरंत कीमतें बदलें, ऐसा जरूरी नहीं है। असली असर इस बात पर निर्भर करेगा कि क्षेत्र में तनाव कितना और कितने समय तक रहता है।

आगे क्या

  • 13 बचे हुए नाविकों की भारत वापसी और मृतक नाविक का पार्थिव शरीर लाने की प्रक्रिया पर सरकार काम कर रही है।
  • हमला किसने किया और किस हथियार से किया गया, इस पर जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
  • भारत ने तनाव कम करने की अपील की है। आगे जहाजों की सुरक्षा के लिए कोई नई सलाह या कदम आता है तो उस पर नजर रहेगी।

यह खबर सरकारी बयान और प्रमुख मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। हमले के जिम्मेदार और इस्तेमाल हुए हथियार के बारे में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नई जानकारी आने पर इसे अपडेट किया जा सकता है।

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