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6 नवम्बर 2026, शुक्र

कर्नाटक में 5 नवंबर से महंगा होगा सरकारी बस का सफर: 4 नवंबर को तय होगी बढ़ोतरी, शक्ति योजना वाली महिलाओं-छात्रों पर असर नहीं

बस स्टैंड पर खड़ी कर्नाटक सारिगे (KSRTC) की सरकारी बस

कर्नाटक में नंदिनी दूध और दही महंगा होने के बाद अब सरकारी बसों का सफर भी महंगा होने जा रहा है। राज्य के परिवहन मंत्री बैराथी सुरेश ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को ऐलान किया कि राज्य परिवहन निगमों (RTC) की बसों में नया किराया 5 नवंबर से लागू होगा। किराया कितना बढ़ेगा, इसका फैसला 4 नवंबर को अधिकारियों के साथ बैठक में होगा। राहत की बात यह है कि शक्ति योजना के तहत मुफ्त सफर करने वाली महिलाओं और छात्रों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।

मंत्री ने क्या कहा?

चिक्कबल्लापुर में पत्रकारों से बात करते हुए परिवहन मंत्री ने किराया बढ़ोतरी को “अपरिहार्य” बताया। द हिंदू के मुताबिक उन्होंने कहा, “केंद्र की BJP सरकार ने पिछले एक साल में डीजल के दाम पांच बार बढ़ाए हैं। राज्य के चार परिवहन निगमों को हर साल करीब 2,000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है और कुल घाटा करीब 9,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।”

मंत्री के मुताबिक हाल की कैबिनेट बैठक में यह मुद्दा आया था, लेकिन फैसला टाल दिया गया था। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार कैबिनेट और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने किराया संशोधन पर फैसले का अधिकार परिवहन विभाग को दे दिया है। सुरेश ने यह भी दावा किया कि कर्नाटक में सरकारी बसों का किराया कई दूसरे राज्यों से कम है।

किन बसों पर लागू होगा नया किराया?

कर्नाटक में चार सरकारी परिवहन निगम हैं: कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC), बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम (BMTC), कल्याण कर्नाटक RTC और नॉर्थ वेस्ट कर्नाटक RTC। रिपोर्टों के मुताबिक बढ़ा हुआ किराया राज्य के स्वामित्व वाले इन निगमों की बसों पर लागू होगा। अलग-अलग श्रेणी (साधारण, एक्सप्रेस, AC आदि) में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह 4 नवंबर की बैठक के बाद ही साफ होगा। फिलहाल कोई आधिकारिक किराया सूची जारी नहीं हुई है।

शक्ति योजना वालों को राहत

कांग्रेस सरकार की पांच गारंटियों में से एक ‘शक्ति योजना’ के तहत महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त सफर मिलता है और हाल ही में छात्रों को भी इसमें छूट दी गई है। इसलिए किराया बढ़ने से इन यात्रियों पर सीधा असर नहीं होगा। कर्नाटक राज्योत्सव कार्यक्रम में मंत्री ने बताया कि शक्ति योजना के तहत अब तक महिलाओं ने 845.33 करोड़ यात्राएं की हैं और इस पर सरकार 22,281.94 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। करीब 10.07 लाख छात्रों को मुफ्त बस पास दिए गए हैं।

पहले दूध, अब बस: विपक्ष का हमला

यह फैसला ऐसे समय आया है जब 1 नवंबर से ही कर्नाटक में नंदिनी दूध 8 रुपये प्रति लीटर और दही 14 रुपये महंगा हुआ है। BJP सांसद डॉ. के. सुधाकर ने बस किराया बढ़ाने के प्रस्ताव की आलोचना की है। जवाब में परिवहन मंत्री ने उन्हें चुनौती दी कि वह कर्नाटक के किराये की तुलना BJP शासित राज्यों से करें। मंत्री ने सवाल किया कि अगर किराया नहीं बढ़ाया गया तो क्या घाटे में चल रहे निगमों को और घाटा उठाने दिया जाए। दूध के दाम पर उन्होंने कहा कि 8 रुपये में से 7 रुपये सीधे किसानों को जाएंगे और 1 रुपया दूध संघों को।

आप पर क्या असर पड़ेगा?

  • पुरुष यात्री और रोज सफर करने वाले कर्मचारी: 5 नवंबर से टिकट महंगा होगा। रोज बस से दफ्तर जाने वालों का मासिक खर्च बढ़ेगा।
  • महिलाएं और छात्र: शक्ति योजना के दायरे में आने वाले यात्रियों का सफर मुफ्त ही रहेगा।
  • लंबी दूरी के यात्री: दूसरे राज्यों या दूर के शहरों की यात्रा के लिए पहले से बुक टिकट पर नया किराया लागू होगा या नहीं, इसकी स्थिति आधिकारिक आदेश आने पर साफ होगी।

आगे क्या?

4 नवंबर को परिवहन विभाग और चारों निगमों के अधिकारियों की बैठक में बढ़ोतरी का प्रतिशत तय होगा और 5 नवंबर से नया किराया लागू करने की तैयारी है। इसके अलावा मंत्री ने बताया कि पीएम ई-ड्राइव और विश्व बैंक योजना के जरिए खरीदी जाने वाली 6,500 नई बसें चरणबद्ध तरीके से निगमों के बेड़े में जोड़ी जाएंगी, और नॉर्थ वेस्ट कर्नाटक RTC का नाम बदलकर ‘कित्तूर रानी चेन्नम्मा परिवहन निगम’ करने का आदेश जारी हो चुका है।

स्रोत: द हिंदू, मनीकंट्रोल, डेक्कन हेराल्ड।

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