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6 नवम्बर 2026, शुक्र

नोएडा एनकाउंटर: 50 हजार का इनामी अमन त्यागी उर्फ माया त्यागी मारा गया, सेक्टर 126 में मुठभेड़; पुलिसकर्मी भी घायल

नोएडा के सेक्टर 126 इलाके में सड़क किनारे फुटपाथ

उत्तर प्रदेश के नोएडा में शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 की रात पुलिस मुठभेड़ में 50,000 रुपये का इनामी बदमाश अमन त्यागी उर्फ माया त्यागी मारा गया। इस मुठभेड़ में पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं। PTI, Hindustan Times और The Tribune की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुठभेड़ थाना सेक्टर 126 क्षेत्र में हुई। पुलिस का कहना है कि बदमाश ने चेकिंग के दौरान रोके जाने पर पुलिस टीम पर फायरिंग की थी।

कैसे हुई मुठभेड़: पुलिस का पक्ष

नोएडा की डीसीपी प्रीति यादव के अनुसार, क्राइम रिस्पॉन्स टीम (CRT) और थाना सेक्टर 126 पुलिस की संयुक्त टीम संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। तभी एक मोटरसाइकिल सवार को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस के मुताबिक, उसने भागने की कोशिश की और जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में वह गोली लगने से घायल हुआ और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।

मौके से एक अवैध पिस्टल, खोखा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद होने की बात कही गई है। फील्ड यूनिट और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। ध्यान रहे, मुठभेड़ का यह ब्योरा पुलिस का बताया हुआ है।

घायल पुलिसकर्मी: रिपोर्ट्स में अंतर

PTI और Hindustan Times के मुताबिक मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी घायल हुए। HT ने उनकी पहचान सब-इंस्पेक्टर नरेंद्र और कॉन्स्टेबल धीरज के रूप में की है, जिनके पैरों में गोली लगी और दोनों का इलाज चल रहा है। वहीं Times of India ने तीन पुलिसकर्मियों को गोली लगने की बात लिखी है। आधिकारिक बयान में डीसीपी ने दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी है।

कौन था अमन त्यागी

पुलिस के अनुसार, अमन त्यागी मुजफ्फरनगर जिले का रहने वाला था। ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाने में उसके खिलाफ BNS की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 351 (आपराधिक धमकी) और 126 (गलत तरीके से रोकना) के तहत मामला दर्ज था। इसी मामले में उसकी गिरफ्तारी के लिए 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

उसके आपराधिक रिकॉर्ड की संख्या पर भी रिपोर्ट्स अलग-अलग हैं। PTI और HT के अनुसार 2012 से 2026 के बीच गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर में उस पर हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत 20 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। Times of India ने पुलिस रिकॉर्ड के हवाले से 19 मुकदमों का जिक्र किया है।

Times of India और India Today के मुताबिक, पुलिस उसे रणदीप भाटी गैंग का शूटर बताती है। उसका नाम अनिल दुजाना और अमित कसाना के गैंग से भी जोड़ा गया। पुलिस का आरोप है कि वह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और रंगदारी में शामिल रहा। 2019 में भी फेज-2 पुलिस के साथ मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी और तब उसे गिरफ्तार किया गया था। जमानत पर छूटने के बाद वह फिर से अपराध में सक्रिय हो गया, ऐसा पुलिस का कहना है। ये सभी पुलिस के आरोप हैं। अदालत में इनमें से कितने मामलों में दोष साबित हुआ, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

पृष्ठभूमि: यूपी में एनकाउंटर पर बहस

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में पुलिस मुठभेड़ों की संख्या लगातार चर्चा में रही है। सरकार इन्हें संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई बताती है। वहीं मानवाधिकार संगठन और विपक्षी दल कई मामलों पर सवाल उठाते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशानिर्देशों के मुताबिक, मुठभेड़ में मौत के हर मामले में FIR, मजिस्ट्रियल जांच और स्वतंत्र जांच जरूरी है। इस मामले में आगे की जांच इन्हीं प्रक्रियाओं के तहत होने की उम्मीद है।

आप पर क्या असर / आगे क्या

  • नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पुलिस वाहन चेकिंग अभियान तेज रहने की संभावना है, इसलिए रात में सफर करते समय गाड़ी के कागज और पहचान पत्र साथ रखें।
  • पुलिस अमन त्यागी के साथियों और गैंग नेटवर्क की तलाश कर सकती है।
  • नियमों के मुताबिक मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जांच होगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की परिस्थितियों पर और जानकारी सामने आएगी।
  • घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है। उनकी हालत पर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है।

स्रोत: PTI (News18/The Tribune), Hindustan Times, Times of India, India Today

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