केंद्र की कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों को अच्छी खबर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 14 अक्टूबर 2026 को कैबिनेट ने नॉन-गज़ेटेड रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) मंजूर किया। PIB के अनुसार इससे करीब 11,40,770 कर्मचारी लाभान्वित होंगे और कुल खर्च लगभग ₹2,009.61 करोड़ होगा।
हर साल दुर्गा पूजा/दशहरा से पहले यह बोनस दिया जाता है। इस बार भी पात्र कर्मचारियों को त्योहारों से पहले भुगतान का कार्यक्रम है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह फैसला रेलवे स्टाफ के बेहतर प्रदर्शन को मान्यता देने के लिए लिया गया।
कितना मिलेगा—अधिकतम ₹17,951
PIB और The Hindu के मुताबिक पात्र कर्मचारी को 78 दिनों के लिए अधिकतम ₹17,951 तक PLB मिल सकता है। Economic Times के अनुसार रेलवे बोर्ड के पत्र में कहा गया है कि गणना में बोनस वेज सीलिंग ₹7,000 प्रति माह लागू रहती है; यानी पूरा बेसिक वेतन नहीं, बल्कि निर्धारित सीमा पर दिनों के अनुपात से गणना होती है।
लाभार्थियों में ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, तकनीशियन, टेक्नीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन, मंत्रालयीन स्टाफ और अन्य ग्रुप-सी कर्मचारी शामिल हैं।
RPF/RPSF को PLB नहीं
Economic Times ने रेलवे बोर्ड के पत्र का हवाला देते हुए लिखा कि सभी पात्र नॉन-गज़ेटेड कर्मचारियों को यह बोनस मिलेगा, लेकिन RPF और RPSF कर्मी इसमें शामिल नहीं हैं। वे अलग सेवा नियमों के तहत आते हैं।
रेलवे का प्रदर्शन—कार्गो और यात्री
PIB में कहा गया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे का प्रदर्शन अच्छा रहा। रिकॉर्ड 1,670 मिलियन टन (MT) माल ढुलाई हुई और करीब 7.41 अरब यात्रियों ने सफर किया। सरकार का कहना है कि PLB कर्मचारियों को और बेहतर काम के लिए प्रेरित करने वाला प्रोत्साहन है।
कौन-कौन से स्टाफ कवर
PIB में स्पष्ट सूची दी गई है—ट्रैक मेंटेनर से लेकर लोको पायलट, गार्ड, स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर और तकनीशियन तक। यानी ऑपरेशंस और मेंटनेंस दोनों तरफ के फ्रंटलाइन कर्मी मुख्य लाभार्थी हैं। जो कर्मचारी गज़ेटेड हैं या जिनकी सेवा PLB नियमों से बाहर है, वे इस पैकेज में नहीं आते।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
- रेलवे परिवार: पात्र नॉन-गज़ेटेड कर्मचारियों के खाते में त्योहार से पहले अतिरिक्त राशि आएगी; सैलरी वाले मोड से प्राथमिकता पर भुगतान का उल्लेख Economic Times में है।
- यात्री सेवा: आम यात्री को सीधा कैश नहीं मिलता, लेकिन सरकार इसे स्टाफ मोटिवेशन और सेवा सुधार से जोड़कर देखती है।
- सीलिंग विवाद: कर्मचारी संगठन लंबे समय से ₹7,000 की पुरानी वेज सीलिंग बढ़ाने की मांग करते रहे हैं; इस साल का अधिकतम भी उसी सीमा पर आधारित है।
- अगला कदम: जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स में पात्रता लिस्ट और भुगतान शेड्यूल जारी होंगे—कर्मचारियों को अपने पेरोल/HR से कन्फर्म करना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
रेलवे PLB बोनस कितने दिनों का है?
कैबिनेट ने 78 दिनों के वेतन के बराबर PLB मंजूर किया है।
अधिकतम कितनी राशि मिलेगी?
पात्र कर्मचारी को अधिकतम ₹17,951 तक मिल सकता है।
क्या सभी रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा?
नॉन-गज़ेटेड पात्र कर्मचारियों को; RPF/RPSF कर्मी PLB से बाहर हैं। गज़ेटेड अधिकारी भी इस PLB के दायरे में नहीं आते।
पैसे कब मिलेंगे?
हर साल की तरह दुर्गा पूजा/दशहरा से पहले भुगतान का कार्यक्रम है; सटीक तारीख जोन/यूनिट के आदेश से तय होगी।
वेज सीलिंग क्या है?
बोनस गणना में मासिक वेतन की ऊपरी सीमा ₹7,000 मानी जाती है; इससे ऊपर के वेतन पर भी गणना इसी सीमा से होती है।
स्रोत: PIB (PRID 2323256), The Hindu, Indian Express, Economic Times — 14–15 अक्टूबर 2026।

