मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार इनमें चार लिंक एक्सप्रेसवे, गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज और साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर जैसे फैसले शामिल हैं। वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सभी 22 प्रस्ताव पारित हुए। यहां फैसलों की पूरी सूची आसान भाषा में है।
चार नए लिंक एक्सप्रेसवे
सबसे बड़े फैसलों में चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाएं हैं, जिनका मकसद प्रदेश में सड़क संपर्क मजबूत करना है। ये हैं:
- फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे
- झांसी लिंक एक्सप्रेसवे
- जेवर लिंक एक्सप्रेसवे
कैशलेस इलाज: गैर-शिक्षण कर्मचारियों को राहत
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार ने गैर-सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता वाले विद्यालयों तथा संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के 48,062 गैर-शिक्षण कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मंजूर किया है। इसमें भर्ती होकर इलाज भी शामिल है। राज्य हर कर्मचारी के लिए सालाना ₹3,000 प्रीमियम भरेगा।
इसके अलावा बेसिक शिक्षा परिषद, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल, बिना सहायता प्राप्त स्कूलों और समग्र शिक्षा परियोजना के 1,22,304 गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज मिलेगा। इनके लिए भी ₹3,000 सालाना प्रीमियम सरकार देगी। ANI के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारी और उनके आश्रित भी इस सुविधा के दायरे में हैं।
साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर और रोबोटिक्स पार्क
कैबिनेट ने IIT कानपुर के C3iHub के माध्यम से उत्तर प्रदेश में साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी। इसके साथ प्रदेश में PRAGATI रोबोटिक्स पार्क की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया।
निवेश प्रस्ताव: नोएडा क्षेत्र में चार कंपनियां
न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार कैबिनेट ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति के तहत गौतमबुद्ध नगर में चार कंपनियों के निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी दी। इनमें हैवेल्स का ₹879 करोड़, एलजी सॉफ्ट का ₹634 करोड़, एमेरिप्राइज का ₹112.84 करोड़ और मेटलाइफ का ₹84 करोड़ का प्रस्ताव है। इनसे आईटी, तकनीक और शोध पर केंद्रित केंद्र बनेंगे। ANI के अनुसार कैबिनेट ने FDI और वैश्विक कंपनियों के निवेश से जुड़ी एम्पावर्ड कमेटी के फैसलों को भी मंजूरी दी।
अन्य प्रमुख फैसले
- मैनपुरी में सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर जमीन निशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी
- झांसी और ललितपुर में वेयरहाउस निर्माण के लिए निशुल्क जमीन
- प्रयागराज में उच्च न्यायालय के कर्मचारियों के लिए 845 आवासीय इकाइयों के निर्माण की वित्तीय स्वीकृति
- लखनऊ और हरदोई में करीब 1,000 एकड़ में प्रस्तावित पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के लिए मास्टर डेवलपर चयन पर विचार
- प्रयागराज में सभागार और कामकाजी महिला छात्रावास का निर्माण
- लखनऊ और वाराणसी में सात सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं के खर्च का प्रस्ताव
- उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय पोत नियमावली, 2026 को मंजूरी
- स्टेट लाइवस्टॉक मिशन से जुड़ा प्रस्ताव
पंचायत चुनाव में मतदाता पात्रता
न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार कैबिनेट ने संबंधित अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत 18 साल या उससे ज्यादा उम्र का जो व्यक्ति कम से कम छह महीने से गांव में सामान्य रूप से रहता है, वह पंचायत की निर्वाचक नामावली में शामिल होने का पात्र होगा। रिपोर्ट के अनुसार अधिनियम में पहले पात्रता स्पष्ट रूप से तय नहीं थी।
ध्यान देने वाली बात
विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में कुछ मदों का वर्णन थोड़ा अलग शब्दों में है, जैसे ANI के अनुसार मास्टर डेवलपर पर “विचार” हुआ। इसलिए कई परियोजनाओं का अंतिम ब्योरा, लागत और समय-सीमा सरकारी आदेश जारी होने पर ही स्पष्ट होगा। हम अपुष्ट आंकड़े नहीं जोड़ रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
यूपी कैबिनेट ने कितने प्रस्ताव पास किए?
कुल 22 प्रस्ताव।
कैशलेस इलाज की सीमा कितनी है?
न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार 48,062 कर्मचारियों के समूह के लिए ₹5 लाख तक, और प्रति कर्मचारी ₹3,000 सालाना प्रीमियम सरकार देगी।
कौन से चार लिंक एक्सप्रेसवे मंजूर हुए?
फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ को पूर्वांचल से जोड़ने वाला, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे।
नोट: जानकारी 27 अक्टूबर 2026 की ANI/Devdiscourse और न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टों पर आधारित है।

