उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 27 अक्टूबर 2026 को स्टेट लाइवस्टॉक मिशन को मंजूरी दे दी। इकोनॉमिक टाइम्स (PTI के हवाले से) के अनुसार मिशन के तहत देसी नस्ल की पात्र गाय खरीदने पर ₹40,000 की सब्सिडी मिलेगी और दो गाय पर ₹80,000 तक की मदद दी जाएगी। साथ ही पशु बीमा के प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार भरेगी। पशुपालकों और किसानों के लिए इसकी सारी जरूरी बातें यहां हैं।
स्टेट लाइवस्टॉक मिशन क्या है?
पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कैबिनेट के बाद पत्रकारों को बताया कि मिशन का उद्देश्य रोजगार बढ़ाना, पशुपालन आधारित कारोबार को प्रोत्साहन देना, उत्पादकता बढ़ाना और दूध, ऊन तथा अन्य पशु उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच सुधारना है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश की सबसे बड़ी पशु आबादी है और दूध उत्पादन में राज्य पहले स्थान पर है।
मंत्री के मुताबिक यह पूरी तरह राज्य सरकार के पैसे से चलने वाली योजना होगी। चयनित परियोजनाओं की सब्सिडी स्क्रीनिंग कमेटी और प्रोजेक्ट अप्रूवल कमेटी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीधे लाभार्थियों के खातों में जाएगी।
गाय खरीदने पर कितनी सब्सिडी?
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एक पात्र देसी गाय पर ₹40,000 और दो गाय पर ₹80,000 की सहायता मिलेगी। सब्सिडी के दायरे में साहीवाल, गिर, हरियाणा, थारपारकर और गंगातीरी जैसी नस्लें गिनाई गई हैं। खास बात यह है कि किसान तय नस्लें दूसरे राज्यों से खरीदें तो भी उन्हें सब्सिडी मिल सकती है।
न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने सब्सिडी को अलग तरीके से बताया है। उसकी रिपोर्ट में दूसरे राज्यों से गाय खरीदने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, अधिकतम दो गाय तक, और ₹50,000 की गाय पर ₹25,000 की सहायता का उदाहरण दिया गया है। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों का यह फर्क देखते हुए आवेदन से पहले सरकारी अधिसूचना या विभाग से पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
पशु बीमा में 85% प्रीमियम सरकार देगी
मिशन में पशु बीमा भी अहम हिस्सा है। पशुपालक को प्रीमियम का सिर्फ 15 प्रतिशत देना होगा और बाकी 85 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। इससे बीमारी या मृत्यु की स्थिति में छोटे पशुपालकों का जोखिम कम होगा।
सिर्फ गाय नहीं, इनका भी पालन बढ़ेगा
- बकरी, भेड़ और सूअर पालन
- मुर्गी पालन: टाइम्स ऑफ इंडिया और ET के अनुसार जरूरतमंद परिवारों को 100 चूजे मुफ्त दिए जा रहे हैं
- कृत्रिम गर्भाधान जैसे उपायों से नस्ल सुधार
- देसी नस्लों से दूध की पैदावार बढ़ाना
पांच उप-मिशन
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मिशन में पांच उप-मिशन होंगे:
- पशुधन उद्यमिता और स्टार्टअप विकास
- पशुधन और मुर्गी की नस्ल का विकास
- नवाचार और डिजिटल पशुधन
- चारा और दाना विकास
- शोध, वैश्वीकरण और ज्ञान प्रणाली विकास
मंत्री के अनुसार इनके जरिये पशुधन स्टार्टअप, चारा उत्पादन, वैल्यू एडिशन, उत्पादक संगठन और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। AI, डिजिटल ट्रेसेबिलिटी और जलवायु के अनुकूल तकनीक पर भी जोर रहेगा। बुनियादी ढांचे और सेवाओं के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को प्रोत्साहित किया जाएगा।
चुनौतियां जिन्हें मिशन दूर करना चाहता है
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार राज्य पशुधन और दूध उत्पादन में आगे है, पर कम उत्पादकता, बिखरी हुई मार्केटिंग, सीमित वैल्यू एडिशन, कमजोर ट्रेसेबिलिटी और कमजोर डिजिटल प्रबंधन जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। मिशन इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए लाया गया है। यह केंद्र के नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के बाद राज्य का अपना कार्यक्रम है।
आवेदन से पहले क्या करें?
अभी मिशन की विस्तृत गाइडलाइन, ऑनलाइन आवेदन का तरीका और अंतिम तारीखें सामने नहीं आई हैं। इसलिए जिला पशुपालन विभाग या पशुपालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली अधिसूचना का इंतजार करें। किसी बिचौलिए या अनजान लिंक पर पैसे या निजी जानकारी देने से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
यूपी में गाय खरीदने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
ET और TOI की रिपोर्टों के अनुसार एक पात्र देसी गाय पर ₹40,000 और दो पर ₹80,000। एक अन्य रिपोर्ट में 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का उल्लेख है, इसलिए गाइडलाइन का इंतजार करें।
पशु बीमा में कितना खर्च देना होगा?
प्रीमियम का 15 प्रतिशत पशुपालक को, 85 प्रतिशत सरकार देगी।
क्या दूसरे राज्य से गाय खरीदने पर सब्सिडी मिलेगी?
हां, रिपोर्टों के अनुसार निर्धारित नस्लें दूसरे राज्यों से खरीदने पर भी सब्सिडी का प्रावधान है।
नोट: जानकारी 27-28 अक्टूबर 2026 की ET, TOI और न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टों पर आधारित है।

