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6 नवम्बर 2026, शुक्र

8वां वेतन आयोग: OPS बहाली से लेकर 3.83 फिटमेंट फैक्टर तक, कर्मचारियों ने रखीं ये 5 बड़ी मांगें

नई दिल्ली में वित्त मंत्रालय के कार्यालय नॉर्थ ब्लॉक का बाहरी दृश्य

8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने ज्ञापन (मेमोरेंडम) जमा करने की समय-सीमा 15 जून 2026 को खत्म हुई। इसके बाद लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर इस पर है कि आयोग क्या सिफारिश करता है। करीब 55 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनभोगी इससे प्रभावित होंगे। NDTV Profit और इंडिया टीवी की रिपोर्ट्स के अनुसार कर्मचारी पक्ष (NC-JCM) ने 51 पन्नों का ज्ञापन सौंपा है। ये सभी मांगें अभी विचाराधीन हैं और सरकार ने इन्हें स्वीकार नहीं किया है।

1. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली

कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी और पुरानी मांग OPS बहाल करने की है, खासकर 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए। उनका तर्क है कि बाजार से जुड़ी NPS रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं देती। सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) शुरू की है, पर ज्यादातर संगठन इसे नाकाफी मानते हैं। ज्ञापन में 67% पेंशन और 50% पारिवारिक पेंशन जैसी मांगें भी बताई गई हैं।

2. फिटमेंट फैक्टर 3.15 से 3.83

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिससे मौजूदा मूल वेतन को गुणा करके नया वेतन तय होता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था। रिपोर्ट्स के अनुसार NC-JCM ने 3.83 के आसपास फिटमेंट फैक्टर और ₹69,000 न्यूनतम मूल वेतन की मांग की है (₹18,000 × 3.83 ≈ ₹69,000)। उदाहरण के लिए 2.28 का फैक्टर लगे तो न्यूनतम वेतन करीब ₹41,000 और 3.0 का फैक्टर लगे तो करीब ₹54,000 होता है। यह सिर्फ गणित का उदाहरण है, कोई सिफारिश नहीं।

3. DA का मूल वेतन में विलय

संगठन मांग कर रहे हैं कि नया वेतन तय करने से पहले महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में मिला दिया जाए। जनवरी 2026 से DA 58% से बढ़कर 60% हो चुका है। विलय के बाद DA शून्य से शुरू होगा और नए वेतन पर दोबारा बढ़ेगा।

4. नया फैमिली कंसम्पशन फॉर्मूला

संगठनों का कहना है कि पुराना फॉर्मूला 3 यूनिट के परिवार और केवल भोजन-कपड़ा-मकान जैसे खर्चों पर आधारित था। अब शिक्षा, स्वास्थ्य, इंटरनेट, परिवहन और बुजुर्गों की देखभाल पर भी बड़ा खर्च होता है, इसलिए 5 यूनिट वाले परिवार का फॉर्मूला मांगा गया है।

5. HRA, रिस्क पे और अन्य भत्ते

कर्मचारी मकान किराया भत्ते (HRA), रिस्क पे, बोनस, छुट्टी और रिटायरमेंट सुविधाओं में सुधार चाहते हैं। पेंशनभोगियों ने CGHS से वंचित इलाकों में फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस ₹1,000 से बढ़ाकर ₹20,000 प्रति माह करने की मांग रखी है। रिपोर्ट्स के अनुसार 6% वार्षिक वेतन वृद्धि और 30 साल में पांच पदोन्नति की मांग भी रखी गई है।

आयोग की मौजूदा स्थिति

  • आयोग रिपोर्ट सौंपने से पहले हितधारकों से परामर्श कर रहा है। 22-23 जून को लखनऊ में ऐसी बैठक होनी थी।
  • संसद में 10 अगस्त 2026 के जवाब के अनुसार तब तक सिफारिशें सौंपी नहीं गई थीं।
  • आयोग को रिपोर्ट देने के लिए करीब 18 महीने का समय मिला है, जो मोटे तौर पर मई 2027 तक का है।
  • सिफारिशें लागू करने की तारीख और तरीका सरकार तय करेगी।

आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या

अगर आप केंद्रीय कर्मचारी या पेंशनर हैं, तो वेतन या पेंशन में बदलाव तभी होगा जब आयोग की सिफारिशें सरकार मंजूर करे और लागू करे। तब तक वर्तमान वेतन और DA ही लागू रहेंगे। सलाह: अपने बजट में अभी से किसी बढ़ोतरी को न जोड़ें।

सावधान: व्हाट्सएप सैलरी कैलकुलेटर घोटाला

भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने चेतावनी दी थी कि साइबर ठग 8वें वेतन आयोग के नाम पर व्हाट्सएप पर फर्जी सैलरी कैलकुलेटर और लिंक भेज रहे हैं, जो निजी जानकारी चुराते हैं। केवल आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in पर भरोसा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर की मांग क्या है?

कर्मचारी पक्ष ने करीब 3.83 की मांग रखी है। यह केवल मांग है, सिफारिश नहीं।

क्या OPS बहाल हो गई?

नहीं। संगठन मांग कर रहे हैं, पर सरकार ने बहाली का फैसला नहीं किया है।

नई सैलरी कब मिलेगी?

आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही। आयोग की समयसीमा मोटे तौर पर मई 2027 तक है।

वर्तमान DA कितना है?

जनवरी 2026 से 60%।

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