पंजाब के मानसा में मंगलवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। नशे के खिलाफ सक्रिय कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा मेडिकल स्टोर के बाहर कथित नशीली दवाओं की बिक्री पर सवाल उठा रहे थे—और वही दृश्य फेसबुक लाइव पर चल रहा था। बहस तेज हुई, दुकान मालिक के हाथ में पिस्तौल दिखी, फिर गोली चली। झोटा की मौत हो गई।
NDTV और The Tribune की रिपोर्ट के मुताबिक, चार साथी भी गोली लगने से घायल हुए। आरोपी दुकान मालिक अश्वनी कुमार फरार बताए जा रहे हैं।
लाइव वीडियो में क्या दिखा?
करीब पांच-छह मिनट की लाइव क्लिप में झोटा एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ खड़े दिखते हैं और दावा करते हैं कि दुकान से नशीली दवाएं ली गईं। वे दुकान मालिक से पूछते हैं—‘पिस्तौल क्यों रखी है?’ और कहते हैं ‘मार मुझे’। वे पुलिस बुलाने और CCTV दिखाने की बात भी करते हैं।
बहस कुछ मिनट चली। रिपोर्ट के अनुसार दुकान मालिक ने फायरिंग की; झोटा का फोन गिर गया और लाइव खत्म हो गई।
अस्पताल और चोट का ब्योरा
The Tribune के अनुसार घायलों को मानसा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां झोटा को मृत घोषित किया गया। SMO डॉ. गुरमेल सिंह ने बताया कि झोटा को तीन गोलियां लगीं—दो पेट में, एक जांघ में—और एक गोली जिगर को भेद गई, जिससे मौत हुई। अन्य घायलों की चोटें तुलनात्मक रूप से कम बताई गईं।
अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी।
झोटा पहले भी चर्चा में रहे थे
झोटा कई साल से मानसा और आसपास नशे और मेडिकल स्टोरों से कथित अवैध बिक्री के खिलाफ वीडियो बनाते रहे। फेसबुक पर उनके हजारों फॉलोअर्स बताए जाते हैं। 2023 में भी एक मेडिकल स्टोर मालिक से विवाद के बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई थी; वे गिरफ्तार हुए और दो महीने बाद रिहा हुए थे। The Tribune की अलग रिपोर्ट के अनुसार उसी दुकान मालिक से पुरानी दुश्मनी का जिक्र भी है, जिसे पुलिस जांच में साफ किया जाना बाकी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस, BJP और अकाली दल ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। Amarinder Singh Raja Warring ने इसे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान की नाकामी से जोड़ा। BJP के सुनील जाखड़ ने पूछा कि मेडिकल ड्रग्स रोकना ड्रग इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी क्यों नहीं मानी जा रही। अकाली नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने भी फार्मास्युटिकल नशे पर सवाल उठाए। AAP की तरफ से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया रिपोर्टों में नहीं आई।
आप पर क्या असर पड़ेगा / आगे क्या
कानून-व्यवस्था: दिनदहाड़े लाइव गोलीकांड पंजाब में नशा और हथियार दोनों मुद्दों को फिर चर्चा में लाता है। आम नागरिक के लिए संदेश साफ है—नशे की शिकायत पुलिस/ड्रग इंस्पेक्टर के जरिए दर्ज करानी चाहिए; खुद टकराव जानलेवा साबित हो सकता है।
मेडिकल स्टोर निगरानी: अगर जांच में अवैध बिक्री साबित होती है, तो लाइसेंस रद्द और छापेमारी बढ़ सकती है। मरीजों के लिए सामान्य दवाएं उपलब्ध रहें, लेकिन नशीली दवाओं की ओवर-द-काउंटर बिक्री पर सख्ती की मांग तेज होगी।
आगे क्या देखें:
- आरोपी की गिरफ्तारी और FIR की धाराएं
- फोरेंसिक/पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
- क्या उसी दुकान पर ड्रग इंस्पेक्टर की जांच शुरू होती है
- ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ के तहत राज्य सरकार का अगला कदम
एक लाइन में: लाइव कैमरे के सामने गोली चलना सिर्फ एक हत्या नहीं—पंजाब के नशा संकट की खतरनाक तस्वीर भी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
परविंदर सिंह झोटा की हत्या कहां हुई?
पंजाब के मानसा शहर में एक केमिस्ट/मेडिकल स्टोर के बाहर, मंगलवार 13 अक्टूबर 2026 को।
हत्या लाइव क्यों चर्चा में है?
झोटा विवाद को फेसबुक पर लाइव स्ट्रीम कर रहे थे। गोली चलने से पहले बहस और पिस्तौल का जिक्र रिकॉर्ड हो गया; फोन गिरने पर लाइव बंद हो गई।
कितने लोग घायल हुए?
रिपोर्ट के मुताबिक झोटा की मौत हो गई और चार साथी गोली लगने से घायल हुए।
आरोपी कौन है?
मीडिया रिपोर्ट में दुकान मालिक अश्वनी कुमार का नाम आ रहा है; पुलिस उन्हें खोज रही है। आरोप अभी जांच का विषय हैं।

